थांदला। ढोल मांदल व ताशों की थाप पर थिरकते हुए वृहन्नलाओं द्वारा नगर में चल रहे अखिल भारतीय वृहन्नला सम्मेलन के तहत 22 तारीख गुरुवार को दोपहर में कार्यक्रम स्थल पुरानी मण्डी से कलश यात्रा निकाली गई । बैड बाजों के साथ निकली वृहन्नलाओंं की कलश यात्रा में नगर के लोगो ने पुष्पवर्षा कर सड़कों को फूलों से पाट दिया । कलश यात्रा में नगर के पांच प्रमुख मंदिरों पर बड़े घंटे भेंट किये। आयोजित कलश यात्रा में दोनों दलो ंके पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक व्यापारी महिलाओं ने भी कलश यात्रा में शामिल होकर वृहन्नलाओं का उत्साह बढ़ाया । नगर के इतिहास में प्रथम बार आयोजित वृहन्नला सम्मेलन में देश के विभिन्न प्रांतों से आयी वृहन्नलाओं को देखने के लिये लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा । लोगों ने जगह-जगह आत्मीयता से साथ इनका स्वागत कर इनसे दुआ व आशीर्वाद प्राप्त किया। लोगों के प्यार व स्नेह से अभिभूत वृहन्नलाओं ने लोगों की दिल खोलकर प्रशंसा की नगर के नागरिकों की सराहना करते हुए नगर समृ़िद्ध की कामना की। आयोजित कार्यक्रम के तहत नगर के सांई मंदिर, तेजाजी मंदिर, वागडिय़ा फलिया, कुम्हारवाड़ा, वावडी मंदिर चौराहा, जवाहर मार्ग , आजाद चौक व नयापुरा में वार्डवासियों व समाज प्रमुखों ने इनके गुरु सलमानायक व कविताभुआ को फलों से तोला व केसरयुक्त दूध भी वितरित किया गया । तीन घंटों से अधिक समय तक चले इस जुलूस में युवा वृहन्नलायें ढोल व मांदल की थाप पर नृत्य कर लोंगो का मनोरंजन कर रहे थे ।
समाज में समानता
Saturday, 24 December 2016
वृहन्नलायें भी हैं समाज का हिस्सा
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